आपके अधिकार (Your Rights)
भारतीय कानून आपको ऑनलाइन सुरक्षित रखता है। यहां बताया गया है कि कानून क्या कहता है, रिपोर्ट कैसे करें, और मदद के लिए किसे कॉल करें।
IT Act — प्रमुख धाराएँ जो महिलाओं की रक्षा करती हैं +
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) (और इसके 2008 के संशोधन) ऑनलाइन अपराधों को कवर करने वाला भारत का मुख्य कानून है। यहाँ महिलाओं की सुरक्षा के लिए सबसे प्रासंगिक धाराएँ दी गई हैं:
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धारा 66E (Section 66E) — निजता का उल्लंघन (Violation of Privacy):
किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी निजी तस्वीरें खींचना या प्रकाशित करना। सज़ा: 3 साल तक की जेल और/या ₹2 लाख तक का जुर्माना। इसमें किसी निजी स्थान पर गुप्त रूप से किसी को फिल्माना शामिल है। -
धारा 66C (Section 66C) — पहचान की चोरी (Identity Theft):
धोखाधड़ी से किसी अन्य व्यक्ति की इलेक्ट्रॉनिक पहचान (ईमेल, पासवर्ड, डिजिटल हस्ताक्षर) का उपयोग करना। सज़ा: 3 साल तक की जेल और ₹1 लाख तक का जुर्माना। -
धारा 67 (Section 67) — अश्लील (Obscene) सामग्री प्रकाशित करना:
ऑनलाइन अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना। सज़ा: पहले अपराध के लिए 3 साल तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना; दोहराने पर 5 साल। -
धारा 67A (Section 67A) — यौन रूप से स्पष्ट (Sexually Explicit) सामग्री प्रकाशित करना:
ऑनलाइन स्पष्ट यौन सामग्री प्रकाशित करना। सज़ा: पहले अपराध के लिए 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना। -
धारा 67B (Section 67B) — चाइल्ड पोर्नोग्राफी (Child Pornography):
बाल यौन शोषण (child sexual abuse) सामग्री प्रकाशित करना या रखना। सज़ा: पहले अपराध के लिए 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना; दोहराने पर 7 साल।
साइबर अपराध (cybercrime) की शिकायत कैसे दर्ज़ करें — चरण दर चरण +
आप भारत में ऑनलाइन साइबर अपराध की शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं — आपको किसी वकील की आवश्यकता नहीं है, और आप कुछ प्रकार के अपराधों के लिए इसे गुमनाम (anonymously) रूप से कर सकते हैं।
चरण 1: अपने सबूत इकट्ठा करें
- आपत्तिजनक सामग्री, अपमानजनक संदेश या धमकी के स्क्रीनशॉट लें — जिसमें तारीख दिखाई दे रही हो
- किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के URL (वेबसाइट लिंक) नोट कर लें
- आपको परेशान करने वाले व्यक्ति का कोई भी नाम, यूज़रनेम, फ़ोन नंबर या ईमेल पता सेव करें
चरण 2: ऑनलाइन रिपोर्ट करें
- cybercrime.gov.in पर जाएं — यह भारत का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) है।
- "Report Cyber Crime" पर क्लिक करें।
- यौन शोषण सामग्री (बिना सहमति के फ़ोटो/वीडियो) के लिए, "Report Anonymous" चुनें — आपको अपना नाम बताने की आवश्यकता नहीं है।
- अन्य साइबर अपराधों (उत्पीड़न, धोखाधड़ी, धमकी) के लिए, "Report Other Cyber Crime" पर क्लिक करें और रजिस्टर/लॉगिन करें।
- अपने सबूतों के साथ फॉर्म भरें। सबमिट करें। आपको एक एकनॉलेजमेंट नंबर (acknowledgement number) प्राप्त होगा — इसे सुरक्षित रखें।
चरण 3: यदि आप इसे आगे बढ़ाना (escalate) चाहते हैं
- अपने नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाएं और साइबर अपराध सेल (cybercrime cell) से बात करने के लिए कहें। अपने फोन या प्रिंटआउट पर अपने सबूत दिखाएं।
- सभी प्रमुख शहरों में समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन (Cyber Crime Police Stations) हैं। मुंबई: 022-26570485। दिल्ली: 011-23490324। बैंगलोर: 080-22942525।
हेल्पलाइन — सहायता के लिए किसे कॉल करें +
📞 संकट (Crisis) और आपातकाल (Emergency)
महिला हेल्पलाइन (राष्ट्रीय)
भारत में कहीं भी हिंसा, धमकी या उत्पीड़न का सामना कर रही महिलाओं के लिए 24/7 आपातकालीन सहायता।
📞 181 (निःशुल्क, 24/7)
पुलिस आपातकाल (Police Emergency)
तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया। धमकियों, स्टॉकिंग, या किसी भी ऐसी स्थिति के लिए जिसमें शारीरिक खतरा शामिल हो।
📞 100 (पुलिस) / 112 (सभी आपातकालीन सेवाएं)
साइबर क्राइम हेल्पलाइन
ऑनलाइन दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी और धमकियों की रिपोर्टिंग पर मार्गदर्शन के लिए भारत की राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन।
📞 1930 (साइबर अपराध)
चाइल्डलाइन (Childline)
बच्चों या वयस्कों के लिए जो बच्चे की सुरक्षा — ऑनलाइन दुर्व्यवहार, ग्रूमिंग (grooming), या शोषण के बारे में चिंतित हैं।
📞 1098 (निःशुल्क, 24/7)
🏛️ रिपोर्टिंग और शिकायतें
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (National Cyber Crime Portal)
सभी प्रकार के साइबर अपराधों — उत्पीड़न, धोखाधड़ी, छवि का दुरुपयोग, पीछा करना — की रिपोर्ट करें। यौन सामग्री के लिए गुमनाम (anonymously) रूप से फ़ाइल करें।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)
महिलाओं के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न या अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज़ करें। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली उपलब्ध है।
साइबर दोस्त (Cyber Dost - MHA)
साइबर सुरक्षा जागरूकता और रिपोर्टिंग के लिए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की पहल। नए घोटालों पर अपडेट के साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय।
UIDAI (आधार हेल्पलाइन)
Aadhaar (आधार) के दुरुपयोग की रिपोर्ट करें, बायोमेट्रिक लॉक का अनुरोध करें, या प्रमाणीकरण (authentication) इतिहास जांचें।
📞 1947 (टोल-फ्री)
टेकडाउन रिसोर्स किट (Takedown Resource Kit)
सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और डीपफेक (deepfakes) की रिपोर्टिंग के लिए सीधे टेकडाउन लिंक (direct takedown links) की एक केंद्रीकृत (centralized) निर्देशिका।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Mental Health Support)
iCall (TISS)
उत्पीड़न या दुर्व्यवहार के आघात (trauma) के लिए निःशुल्क मनोवैज्ञानिक (psychological) परामर्श। तकनीकी-सुविधायुक्त दुर्व्यवहार (tech-facilitated abuse) में प्रशिक्षित। सोम–शनि, सुबह 8 बजे–रात 10 बजे।
📞 9152987821
वंद्रेवाला फाउंडेशन (Vandrevala Foundation)
निःशुल्क 24/7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन। संकट की स्थितियों, आघात (trauma) और भावनात्मक संकट (emotional distress) में सहायता करती है।
📞 1860-2662-345 (24/7)
iCall ईमेल सहायता
लिखना पसंद करते हैं? उन लोगों के लिए ईमेल-आधारित परामर्श जो फोन पर खुलकर बात नहीं कर सकते।
⚖️ कानूनी सहायता (Legal Aid) और डिजिटल अधिकार गैर सरकारी संगठन (NGOs)
iDream हेल्पलाइन (IT for Change)
प्रौद्योगिकी और लिंग अधिकार अनुसंधान और वकालत (advocacy)। तकनीक-सुविधायुक्त लिंग-आधारित (gender-based) हिंसा के शिकार लोगों का समर्थन करता है।
इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (Internet Freedom Foundation)
डिजिटल अधिकार संगठन (Digital rights organisation)। भारत में साइबर कानूनों, ऑनलाइन सेंसरशिप और निजता (privacy) के मुद्दों पर नज़र रखता है। कानूनी जागरूकता के लिए उपयोगी।
पॉइंट ऑफ व्यू (Point of View)
मुंबई स्थित NGO डिजिटल सुरक्षा सहित लिंग (gender) और कामुकता (sexuality) पर काम कर रहा है। पीड़ितों के लिए सहायता और वकालत (advocacy) प्रदान करता है।
मजलिस लॉ (Majlis Law - मुंबई)
घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और अधिकारों के उल्लंघन का सामना करने वाली महिलाओं के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता। IT Act के मामलों में अनुभवी।
क्या बिना सहमति वाली सामग्री को हटाने की आवश्यकता है? (संकटकालीन कदम/Crisis steps) +
यदि किसी ने आपकी सहमति के बिना आपकी अंतरंग (intimate) या निजी तस्वीरें/वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किए हैं, तो यह एक गंभीर उल्लंघन है — और प्लेटफ़ॉर्म को इसे तेज़ी से हटाने की कानूनी रूप से आवश्यकता है।
विस्तृत, प्लेटफ़ॉर्म-दर-प्लेटफ़ॉर्म टेकडाउन गाइड (Google, Instagram, Facebook, WhatsApp, Reddit, X/Twitter, पोर्नोग्राफिक साइटें) के लिए, कृपया टेकडाउन रिसोर्स किट (Takedown Resource Kit) पर जाएँ — विशेष रूप से इस स्थिति के लिए बनाया गया एक समर्पित (dedicated), निःशुल्क संसाधन (resource):
इस किट में शामिल हैं: टेम्पलेट पत्र (template letters), रिपोर्टिंग लिंक, सबूत सहेजने के निर्देश (evidence-saving instructions), कानूनी अधिकारों का सारांश, और मानसिक स्वास्थ्य सहायता लिंक — सब कुछ एक ही स्थान पर।